Phobia kya hai क्या आपके भीतर है इस तरह के फोबिया

दोस्तों आज हमारी इस पोस्ट में फोबिया क्या  है | Phobia kya hai , Phobia Ke Prakar , Symptoms of Phobia in Hindi, Phobia ka ilaj आदि के बारे में हम बतायेगे |

दोस्तों हम आज आपको एसी बीमारी के बारे में बतायेगे जो की बहुत कम लोगो में पाई जाती हे परन्तु आज के समय में ये तरह तरह से लोगो में अलग अलग तरीके से हो रही हे जिसे अधिकतर लोग पहचान ही नही पाते की उन्हें यह बीमारी है | दोस्तों आज हम आपको फोबिया से जुडी हुई सारी जानकारी प्रदान करेगे | यदि आपका डर आपके लिए सजा बन जाए तो यह आपके लिए खतरे की बात है, क्योंकि आपको मात्र डर नहीं है बल्कि आप फोबिया से ग्रस्त हैं। फोबिया केवल डर ही नहीं, एक गंभीर बीमारी है जो आपके पूरे जीवन को प्रभावित कर सकती है।

must read – Height kaise badhaye आसान उपाय | किसी हालात को देखकर या सोचकर डर जाना। उससे बचने की हर संभव कोशिश करना। उन हालात में आते ही हाथ-पैर फूल जाना। आपको phobia होने के लक्षण दर्शाता है |

What Is Phobia क्या है फोबिया

फोबिया बीमारी एक ऐसी समस्‍या है, जो किसी भी व्‍यक्ति को हो सकती है लेकिन ज्‍यादातर लोग इसे पहचान नहीं पाते।

वे इससे बचने का हर संभव प्रयास करते |फोबिया पीड़ित आम लोगों की ही तरह नजर आते हैं। रोग का पता तभी चल पाता है, जब व्‍यक्ति का या तो अपने डर से सामना होता है या फिर वह कोई उसके बारे में बात करता है। फोबिया पीडि़त व्‍यक्ति अपने डर से बचने का ही प्रयास करते रहते हैं। वे उन हालातों से दूर रहने की कोशिश करते हैं, जिन से उन्‍हें डर लगता है लेकिन अनजाने में अपना डर सामने आने पर फोबिया का दौरा पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।फोबिया का दौरा पड़ने पर तनाव, बेचैनी, बहुत ज्‍यादा पसीना आना, हालात से दूर भागने की कोशश करना, सिर में दर्द व भारीपन, अजीब-अजीब सी आवाज सुनाई देना। आदि लक्षण होते है Phobia  पीड़ित व्‍यक्ति की दिल की धड़कन काफी तेज भागने लगती है। उनकी सांसों की रफ्तार तेज हो जाती है और उन्‍हें चक्‍कर आने की शिकायत भी हो सकती है।

सरल शब्दों में कहै तो Phobia एक प्रकार का रोग है जिसमें इंसान को किसी खास वस्तु, कार्य एवं परिस्थिति के प्रति भय उत्पन्न हो जाता है। इसमें व्यक्ति उन चीजों से बचने की कोशिश करता है। फोबिया में अपने डर की सोच भी व्यक्ति को इतना डरा देती है कि उसकी मानसिक व शारीरिक क्षमताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसमें इंसान का डर वास्तविक या काल्पनिक दोनों हो सकते हैं। आमतौर पर किसी भी तरह के फोबिया से ग्रस्त रोगी अपने डर पर पर्दा डाले रहते हैं। उन्हें लगता है कि अपना डर दूसरों को बताने से लोग उन पर हंसेंगे।

Symptoms of Phobia

फोबिया एक तरह का मानसिक रोग है, जिसमें इंसान को किसी एक खास चीज को लेकर डर लगने लगता है। ये डर जरूरी नहीं है कि हकीकत में ही हो, बल्कि अक्सर काल्पनिक चीजों को लेकर वो शख्स डर में जीने लगता है। हम यह पर कुछ Phobia के लक्षण के बारे में बतायेगे |

Phobia से ग्रस्त व्यक्ति किसी भी अंजान शख्स के सामने आने से, उनसे बात करने से घबराता है। उसके भीतर हमेशा यह डर रहता है कि कहीं वह कुछ गलत न बोल दे। कहीं उसकी इमेज न खराब हो जाए। ऐसे लोग बहुत संकोची और अपने आप में ही सिमटे रहते हैं। Phobia से ग्रस्त व्यक्ति जिस चीज से डरता है, उसको लेकर बहुत गहराई तक सोचने लगता है। इसके लक्षण उसके फिजिकल और मेंटल बिहेवियर से प्रकट होने लगते हैं। जिन लोगों को Phobia का दौरा पड़ता है, उन्हें तनाव, बेचैनी, पसीने आना, लोगों से दूर भागना, सिर में भारीपन, कानों में अलग-अलग आवाजें सुनाई देना, दिल की धड़कन बढ़ जाना, सांस तेज होना, डायरिया, चक्कर आना, शरीर में कहीं भी दर्द महसूस करना, जैसी दिक्कतें आती हैं। ऐसे में रोगी बहुत ज्यादा पैनिक हो जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ना या कम हो जाना जैसी दिक्कतें दिखाई देती हैं। Phobia का दौरा पड़ने पर रोगी में इस तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में रोगी बहुत ज्यादा पेनिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में रोगी के साथ किसी भी तरह की जबरदस्ती उसके लिए खतरनाक हो सकती है।

जबरदस्ती करने से रोगी और भी ज्यादा पेनिक हो जाता है और उसका डर कोई भी भयंकर रूप ले सकता है।

Types OF Phobia

Phobia कई तरह का होता हे और यह सभी में अलग अलग तरह का हो सकता हे | यह उसकी मानसिक स्थति पर निर्भर होता है | हम आपको यह कुछ खास तरह के Phobia के बारे में बतायेगे जेसे –

Child Phobia

चाइल्ड फोबिया – यह फोबिया बचपन से होने वाला फोबिया है। इसमें बचपन में ही किसी चीज, व्यक्ति, जानवर या परिस्थिति के प्रति डर बैठ जाता है, जो वक्त के साथ खत्म न होने पर फोबिया बन जाता है। यह डर या तो बच्चों में खुद होता है या कई बार अभिभावक ही बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए किसी चीज से डरा देते हैं। वैसे तो यह डर उम्र के साथ खत्म हो जाता है, लेकिन कई बार जब यह डर बड़े होने पर भी नहीं जाता तो फोबिया का रूप धारण कर लेता है।

Adult Phobia एडल्टहुड फोबिया

कुछ डर वयस्क होने के बाद पैदा होते हैं। इनका प्रभाव सबसे ज्यादा यंग जनरेशन पर पड़ता है। एडल्टहुड फोबिया में कई तरह के फोबिया शामिल होते हैं।

Mono Jigotic Twins Phobia मोनो जाइगोटिक ट्वीन्स फोबिया

यह एक तरह का जेनेटिक फोबिया होता है, जो जुड़वा बच्चों को ही होता है। इसमें अगर एक बच्चा किसी फोबिया का शिकार है तो दूसरा बच्चा भी उसी फोबिया से ग्रस्त होगा। सभी ट्वीन्स के साथ ये समस्या नहीं होती है, लेकिन फिर भी आमतौर पर ट्वीन्स के साथ इस तरह की शिकायत देखी गई है

Other Phobia कुछ आम फोबिक

बहुत तरह के फोबिया होते है | जिन्हें हम कभी कभी फोबिया नही मानते है पर वह phobia बीमारी होती है | जेसे की –

  • बार बार किसी बंद जगह में डर लगना
  • अंधेरे में डर लगना जी घबराना
  • ज्यादा ऊंचाई वाली जगह में डर लगना या कम ऊंचाई से देखने पर डर रहना
  • भीड़भाड़ वाली जगह में डर लगना
  • कहीं बाहर आने जाने का डर
  • चूहा, छिपकली, मकड़ी जैसे छोटे-छोटे जीवों से ज्यादा डर बना रहना
  • मरने का डर
  • बिजली की चमक, गड़गड़ाहट और तेज बारिश से डर
  • पानी से डर

इस तरह से कई तरह का दर हो सकता है |

Treatment Of Phobia

फोबिया का इलाज – फोबिया के इलाज के लिए कोई एक खास ट्रीटमेंट नहीं होता है। हर मरीज का फोबिया और उसकी परिस्थिति अलग-अलग होती है, इसलिए फोबिया का इलाज भी मरीज और उसके डर के अनुरूप ही किया जाता है। डॉ. बताते हैं कि फोबिया के इलाज के लिए दवाएं, काउंसिलिंग, मनोवैज्ञानिक थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। फोबिया के ट्रीटमेंट के लिए रोगी के थायरॉयड, ब्लड शुगर, डायबिटीज आदि की जांच करना भी जरूरी होता है।

तो दोस्तों आज की हमारी ये पोस्ट Phobia Kya Hai , Phobia Ke Prakar,Symptoms Of Phobia In Hindi,Phobia Ka Ilaj केसी लगी हमे जरुर Comment करके जरुर बताये |

धन्यवाद |

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