pregnancy symptoms in hindi

Pregnancy Symptoms in Hindi – प्रेगनेंसी के लक्षण (हिंदी में)

नमस्ते दोस्तों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग Hindisolutions में | आज की पोस्ट में हम आपको Pregnancy Symptoms in Hindi के बारे में जानकारी देने वाले है| पिछली पोस्ट में हमने आपको IPO Kya Hota Hai के बारे में बताया था में आशा करता हु की आपको हमारी पिछली पोस्ट पसंद आई होगी |
आज की हमारी यह पोस्ट महिलाओ के लिए है | उन्हें गर्भावस्था की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हम कुछ जानकारी आपके साथ share करंगे जिनसे आप आसानी से Pregnancy Ke Lakshan जान सकते है | महीला Pregnant है या नही हम यह पर कुछ Pregnancy ke Baare mein बतायेगे जिनसे आप आसानी से पता क्र सकते है |

Pregnancy in Hindi

अधिकांश महिलायें पीरियड का न आना प्रेग्नेंसी का ही कारण मानती है। प्रेग्नेंसी के शुरुवाती दिनों मे महिलाओं को पीरियड रुकने तक पता ही नहीं लग पता की उनकी कोख मे कोई पल रहा है या नही। शुरुआत मे तो महिलाएं यह जानने के लिए उत्सुक रहती है की वो प्रेग्नेंट है की नहीं। माँ बनना एक औरत के लिए बहुत ही सुखद एहसास है |

प्रेग्नेंसी के पहले सप्ताह मे तो प्रेग्नेट होने का पता भी नहीं चलता,बल्कि इस हफ्ते मे सिर्फ भ्रूण के बनने की शुरुआत होती है। गर्भवती महिलाओं को अपने खान पान का पूरा ध्यान रखना चाहिए,आहार मे विटामिन, प्रोटीन और कैलोरी की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। पहले हफ्ते मे सिर्फ आंदरुनी बदलाव होते है,शरीर के बाहर कोई बदलाव नज़र नहीं आता।

Pregnancy ke Lakshan

दोस्तों हम यह पर आपको कुछ ऐसे शारीरिक लक्षण बतायेगे जिनसे हम यह जान पाए की क्या महिला Pregnent हे या नही और यह भी पता कर पाए की अगर है तो उससे कोन कोन से लक्षण हमे शारीर में देखने को मिल सकते है |

पीरियड का नहीं आना

प्रेग्नेंसी का पता तभी चलता है जब पीरियड का आना बंद हो जाता है यह इसका सुरुवाती लक्षण है। बहुत सी महिलाओं को तो शुरू के एक या दो हफ़्तों तक हल्की ब्लीडिंग भी हो जाती है,लेकिन सिर्फ पीरियड मिस होने से किसी भी महिला को प्रेग्नेंट नही कहा जा सकता इसके लिए हमे प्रेग्नेंसी किट के द्वारा जो मार्केट मे आसानी से उपलब्ध है जांच कर लेना चाहिए।क्योकि कभी कभी पीरियड मिस होने के और भी कारण हो सकते है।

बार बार पेशाब का आना

बार बार पेशाब आना प्रेग्नेंसी सिम्पटम्स मे से एक है जैसे जैसे गर्भावस्था का समय बीतता जाता है वैसे वैसे यह परेशानी बढ़ती जाती है। इस समय मे हारमोन बहुत तेजी से बदलते है जिसकी वजह से किडनी मे रक्त प्रवाह तेज़ होने लगता है,और ब्लाडर मे यूरिन जल्दी भर जाता हैऔर पेशाब बार बार होने की समस्या हो जाती है,लेकिन डेलीवरी के बाद यह ठीक हो जाती है।

सिर मे दर्द रहना

प्रेग्नेंसी के शुरुवाती लक्षण मे सिर मे दर्द रहना एक आम बात है सिर मे दर्द हारमोन मे बदलाव के कारण ही होता है। अगर आपको लगातार सर में हल्का दर्द बना रहता है तो हो सकता है की आप Pregnant हो |

ब्रेस्ट मे बदलाव आना

गर्भावस्था के दोरान स्तन का मुलायम होना और सूजन दिखने पर भी प्रेग्नेंसी के संकेत हो सकते है। स्तनो के आकार मे बदलाव भी गर्भावस्था के सुरुवाई लक्षण मे से एक है। प्रेग्नेंसी के पहले से दूसरे सप्ताह मे ब्रेस्ट मे हल्की सूजन आने लगती है। और उनमे दर्द हो सकता है |

उल्टी जैसा होना

कभी कभी पीरियड बंद होने के एक से दो हफ्ते मे उल्टी आना जी मिचलाना होने लगता है जिससे भी प्रेग्नेंसी का पता चलता है।

मुंह का स्वाद बदलना

प्रेग्नेंसी के पहले महिने मे कुछ भी खाना अच्छा नहीं लगता,अच्छा खाना भी बिना टैस्ट का ही लगता है। किसी महिला को मीठा तो किसी को खट्टा पसंद आता है। मुंह का स्वाद कड़वा हो जाता है। और अलग तरह की चीजे खाने की इछा होती है |

ब्लड प्रेशर का कम ज्यादा होना

अगर आपका blood presure अचानक कम या ज्यादा हो रहा और आपका जी घबरा रहा हे तो आपके pregnent होने के chances बढ जाते है | ऐसे में आप अपने डॉक्टर को जरुर दिखाए |

स्वभाव मे परिवर्तन आना

प्रेग्नेसी के शुरुवात मे स्वभाव मे भी परिवर्तन होने लगता है इस समय मे चिड़चिड़ापन होना तनाव (tension) होना जल्दी गुस्सा आना ज्यादा थकान होना भी हो सकता है |

तो यह थे कुछ सामान्य Pregnancy Ke Lakshan Hindi me अगर इनमे से कुछ भी लक्षण दिखे तो हमे तुरंत प्रेग्नेंसी की जांच कर लेना चाहिए।और अपनी केयर शुरू कर देनी चाहिए गर्भधरण के बाद गर्भवती महिला को तुरंत डॉक्टर ( doctor) से मिलकर अपनी खान पान की आदतों और अन्य दिनचर्या को जैसे रहन सहन आदि के बारे मे बात करनी चाहिए। गर्भधारण के बाद औरत को अपने लिए नहीं बल्कि पेट मे पल रहे शिशु के लिए खाना होता है।

Pregnancy में क्या खाना चाहिए

दोस्तों pragnency के दोरान हमे खाने का बहुत ध्यान रखना चाहिए | हमे डॉक्टर से turant सलाह लेकर अपने आहार मे vitamins,protin और calori  की मात्रा को बढ़ा देना चाहिए। सबसे ज्यादा विटामिन बी यानि फॉलिक एसिड की मात्रा का सेवन करना जरूरी होता है इसके सेवन से होनेवाले बच्चो मे जन्मजात दिमाज और रीढ़ की हड्डी की परेशानियो से बचा जा सकता है। और हमे rutin chiqup करवाना चाहिए |

गर्भवती महिला को अपने भोजन मे हरी सब्जियाँ, दाल, मौसमी फल , फलो का जूस , और खाने में पोस्टिक आहार को जरूर शामिल करना चाहिए। अत्यधिक ठंडा और अत्यधिक गरम पदार्थ का सेवन भी नहीं करना चाहिए और ज्यादा देर भूखे भी नहीं रहना चाहिए। अगर इन सब का ध्यान हम रखेगे तो होने वाला बच्चा स्वस्थ होगा |

तो दोस्तों हमारी यह पोस्ट Pregnancy symptoms in Hindi कैसी लगी हमे comment करके जरुर बताये |

धन्यवाद् 🙂

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