swine flu ke lakshan

Swine Flu ke Lakshan (हिंदी में) – स्वाइन फ्लू से बचाव | Hindisolutions

नमस्ते दोस्तों में शेखर कुमावत आपका हमारे ब्लॉग Hindisolutions में आपका स्वागत करता हु, आज हम आपको स्वाइन फ्लू (swine flu ) के बारे में बताते हे। जिसका प्रकोप आज दुनियाभर में फेला हुआ हें। इससे आज पूरी दुनिया प्रभावित हे और इससे बचने के इलाज और उपाय को ढूंढ़ रही हे और लगातार इसके रोकने और इससे होने वाले खतरों से बचने के लिय प्रयासरत हे।इस पोस्ट में हम आपको Swine Flu ke Lakshan बताएँगे |

Swine Flu

स्वाइन फ्लू एक तरह का संक्रामक रोग हे जो की सुअरो(Pig) में H1N2, H3N1 और H3N2 के स्ट्रेस के रूप में रहता हे। यह रोग सुअरो में होता हे परन्तु यह अगर किसी तरह मनुष्य के संपर्क में आ जाये तो यह उनको भी हो जाता हे। Swine Flu की शुरुआत सबसे पहले मेक्सिको में हुई थी 2009 में । वही पर सुअर में इन्फ्लुएंजा ए वायरस उभरा और मनुष्यों में रोग पैदा करना शुरू हुआ। यह मनुष्यों को सूअरो के डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रूप से संपर्क के आने से होता हे। यह सुअरो के सास लेने और उसके छोड़ी गई सास को मनुष्यों द्वारा लेने से यह वायरस फेलता हे, इसलिए इसके रोकथाम के लिये सभी देश मिलकर काम कर रहे हे और WHO (World Health Organisation) इसके लिये हर संभव कोशिश में जुटी हुई हे। इसे रोक पाना मुश्किल नही हे ।अगर सभी लोग मिलकर इसकी सावधानीयो को ध्यान में रखे तो आसानी से इससे बचा जा सकता हे।

Swine Flu Symptoms in Hindi

स्वाइन फ्लू किसी को भी हो सकता हे। अगर आप स्वाइन फ्लू के पीड़ित मरीज या उसके वायरस के संपर्क में आ जाते हे तो इसके वायरस आप को भी लग जाते हे और आपको स्वाइन फ्लू हो जाता हे । इसकी पहचान वेसे तो डॉक्टर्स के चेकप के बाद ही पता चलती हे। परन्तु इसके कुछ शुरूआत के लक्षण होते हे जिसके द्वारा आप स्वाइन फ्लू की पहचान कर सके। हम हमारी पोस्ट स्वाइन फ्लू के लक्षण। Swine Flu Symptoms in Hindi के कुछ लक्षण बता रहे हे।

  • स्वाइन फ्लू के दौरान व्यक्ति को खासी रहती हे। यह शुरू में तो हल्की कम रहती हे किन्तु यह धीरे-धीरे बढ़ जाती।
  • गले खराब होना गले में दर्द रहना या खाना खाते समय गला दर्द करना भी स्वाइन फ्लू के लक्षण हो सकते हे।
  •  स्वाइन फ्लू के दौरान मांसपेशियों में दर्द रहता हे और शरीर जकडन सी रहती हे ।
  • अगर आपको बुखार हे और वह लम्बे समय तक बना रहता हे तो हो सकता की आपको स्वाइन फ्लू के वायरस लग चूके हो।
  • स्वाइन फ्लू के मरीज को आँखों में दर्द होता हे और उसकी आंखें लाल रहती हे।
  • स्वाइन फ्लू में इन्सान का तेज सिरदर्द बना रहता हे।
  • व्यक्ति लगातार कमजोर होता जाता हे या उसको शरीर में कमजोरी महसूस होती हे ।
  • स्वाइन फ्लू में तेज ठण्ड के साथ बुखार आता हे।
  • मरीज को छाती और पेट में दर्द रहता हे ।
  • स्वाइन फ्लू से पीड़ित व्यक्ति को साँस लेने में दिक्कत होती हे।

स्वाइन फ्लू से बचाव/ स्वाइन फ्लू का इलाज swine flu ke lakshan

स्वाइन फ्लू के वायरस लग जाने पर इसका बचाव ही एक सरल उपाय हे। इसके बचाव से हे आप अपने आप को बचा सकते हे और इन्ही सावधानियो के द्वारा ही इसको बढ़ने से रोक जा सकता हे। अगर इन उपाय को आप करते हे तो इससे आप अपने परिवार और बच्चों को भी स्वाइन फ्लू के वायरस से बचा सकते हे । हम आपको कुछ उपाय बता रहे हे जिनकी अगर आप सावधानी रखते हे तो इससे होने से बच सकते हे।

  • सबसे पहले आप साफ सफाई का पूरा ध्यान रखे वह चाहे घर हो या आपका शरीर इनकी जितनी ज्यादा हो सके सफाई रखे क्योकि स्वाइन फ्लू का वायरस वहां ज्यादा फैलता है जहां ज्यादा गंदगी रहती है |
  • स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज की चीजो को ना छुए और ना ही उनका इस्तेमाल करे।
  •  स्वाइन फ्लू पीड़ित मरीज को जब भी खासी या छिक आए उसे रुमाल या कपडे का इस्तेमाल करना चहिये उसे खुली हवा में एसा करने से यह वायरस दुसरो को लगने का खतरा रहता हे।
  • स्वाइन फ्लू के मरीज से एक निश्चित दुरी बना कर रखे उसके ज्यादा पास ना जाये और ना ही उससे हाथ मिलाए ।
  • यह वायरस बच्चो को बहुत जल्दी लग सकता हे इसलिए उन्हें भी साफ सफाई का ध्यान रखने के लिय कहे और मरीज के पास ना जाने दे।
  • घर के अंदर की चीजो जेसे दरवाजे का हेंडल या खिड़की दरवाजो की अच्छे से सफाई करे और उन्हें रोजाना पानी से साफ करे।
  • स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज को अदरक, काली मिर्च, लोंग का काडा बनाकर पिने से स्वाइन फ्लू में लाभ होता हे।
  • अगर आपके पास H1N1 का टिका उपलब्ध हे तो इसे तुरन्त जाँच के बाद लगवा ले इससे यह वायरस खत्म होता हे।
  • स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर तुरन्त चिकित्सक के पास और इलाज शुरू करवाये ।
  • स्वाइन फ्लू पीड़ित मरिज को अपने हाथ बार-बार साबुन से धोने चाहिए। और हाथो की सफाई बार बार करते रहना चाहिए।
  • अगर हो सके तो उसे नाक के ऊपर मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए।

Conclusion

तो दोस्तों में उम्मीद करता हु की आपको हमारे द्वारा लिखी गयी पोस्ट Swine Flu ke Lakshan पसंद आई होगी, अगर ओ हमारी पोस्ट पसंद आई हो तो  रहिये हमारे ब्लॉग Hindisolutions से |

धन्यवाद् दोस्तों 🙂

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